Monday, October 19, 2009

मौसम ने हवा कर दिया पटाखों का जहर


मौसम ने हवा कर दिया पटाखों का जहर

posted by Arun Singla.www.dabwalinews.blogspot.com
दीपावली के त्योहार ने इस बार रात तो रोशन की ही, हवा में जहर भी कुछ कम घोला। एयर पलूशन में पिछले साल के मुकाबले थोड़ी कमी आई है। एक्सपर्ट इसकी सबसे बड़ी वजह मौसम की मेहरबानी को मान रहे हैं। हालांकि पटाखों के शोर ने परेशान किया। दोनों तरह के पलूशन का सबसे ज्यादा असर रात 9 से 12 बजे के बीच रहा, यानी दिल्ली सरकार का 10 बजे के बाद पटाखे नहीं जलाने की चेतावनी का दिल्लीवालों पर कोई असर नहीं पड़ा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के मुताबिक एयर पलूशन के मामले में थोड़ी राहत मिली है, क्योंकि सल्फर डाई ऑक्साइड को छोड़कर बाकी कंटेंट में पिछले साल के मुकाबले कमी दर्ज की गई है। सीपीसीबी की स्टडी के मुताबिक ऐसा हल्के और इंपोर्टड पटाखों में सल्फर डाई ऑक्साइड का इस्तेमाल बढ़ने के कारण हुआ है। सीपीसीबी के डायरेक्टर डॉ. एस. डी. मखीजनी ने बताया कि इस बार हवा में एसपीएम, आरएसपीएम और एनओ-टू में कमी की सबसे बड़ी वजह मौसम की मेहरबानी रही है। दीपावली के दिन तापमान 25.2 डिग्री दर्ज किया गया है, जबकि पिछले साल यह 24.5 डिग्री दर्ज हुआ था। साथ ही हवा की गति भी पिछले साल 0.13 के मुकाबले इस बार 0. 20 रही है। इसी तरह से हवा में नमी की मात्रा भी पिछले साल के 60.8 फीसदी के मुकाबले इस बार 49.8 फीसदी रही है। यही वजह है कि इस बार पटाखों के प्रदूषण का बड़ा हिस्सा हवा के साथ पृथ्वी के सर्फेस एरिया से काफी ऊपर चला गया। रिपोर्ट के मुताबिक पीतमपुरा को छोड़कर हर जगह सल्फर डाई ऑक्साइड की मात्रा पिछले साल के मुकाबले बढ़ी है। पिछले साल इसका कंसंट्रेशन लेवल 7 से 24 के बीच था, जबकि इस बार यह 8 से 42 के बीच दर्ज हुआ है। एयर पलूशन के बाकी कंटेंट - नाइट्रोजन ऑक्साइड, सस्पेंडेड पर्टिकुलेट मैटर और रेस्पिरेबल सस्पेंडेड पर्टिकुलेट मैटर की मात्रा में कमी आई है। सीपीसीबी ने दीपावली की रात दिल्ली के सात इलाकों- आईटीओ, पीतमपुरा, सीरीफोर्ट, जनकपुरी, निजामुद्दीन, शहजादाबाग और शाहदरा स्टेशनों में एयर पलूशन की मात्रा को हर घंटे रेकॉर्ड किया। दिल्ली के नौ में से तीन लोकेशन में नॉयज पलूशन बढ़ा है, एक लोकेशन पर इसमें कमी आई है और बाकी जगह पिछले साल जितना ही रहा है। हालांकि, अधिकतम ध्वनि सीमा इस बार 82 डेसिबल ही रही है, जबकि पिछले साल इसका स्तर 85 डेसिबल दर्ज हुआ था। नॉयज पलूशन को आंकने के लिए नौ जगहों- लाजपत नगर, ईस्ट अर्जुन नगर, मयूर विहार फेज-दो, पीतमपुरा, कमला नगर, दिलशाद गार्डन, अंसारी नगर, कनॉट प्लेस और आईटीओ में स्टेशन बनाए गए थे।
मौसम ने हवा कर दिया पटाखों का जहर

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दीपावली के त्योहार ने इस बार रात तो रोशन की ही, हवा में जहर भी कुछ कम घोला। एयर पलूशन में पिछले साल के मुकाबले थोड़ी कमी आई है। एक्सपर्ट इसकी सबसे बड़ी वजह मौसम की मेहरबानी को मान रहे हैं। हालांकि पटाखों के शोर ने परेशान किया। दोनों तरह के पलूशन का सबसे ज्यादा असर रात 9 से 12 बजे के बीच रहा, यानी दिल्ली सरकार का 10 बजे के बाद पटाखे नहीं जलाने की चेतावनी का दिल्लीवालों पर कोई असर नहीं पड़ा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के मुताबिक एयर पलूशन के मामले में थोड़ी राहत मिली है, क्योंकि सल्फर डाई ऑक्साइड को छोड़कर बाकी कंटेंट में पिछले साल के मुकाबले कमी दर्ज की गई है। सीपीसीबी की स्टडी के मुताबिक ऐसा हल्के और इंपोर्टड पटाखों में सल्फर डाई ऑक्साइड का इस्तेमाल बढ़ने के कारण हुआ है। सीपीसीबी के डायरेक्टर डॉ. एस. डी. मखीजनी ने बताया कि इस बार हवा में एसपीएम, आरएसपीएम और एनओ-टू में कमी की सबसे बड़ी वजह मौसम की मेहरबानी रही है। दीपावली के दिन तापमान 25.2 डिग्री दर्ज किया गया है, जबकि पिछले साल यह 24.5 डिग्री दर्ज हुआ था। साथ ही हवा की गति भी पिछले साल 0.13 के मुकाबले इस बार 0. 20 रही है। इसी तरह से हवा में नमी की मात्रा भी पिछले साल के 60.8 फीसदी के मुकाबले इस बार 49.8 फीसदी रही है। यही वजह है कि इस बार पटाखों के प्रदूषण का बड़ा हिस्सा हवा के साथ पृथ्वी के सर्फेस एरिया से काफी ऊपर चला गया। रिपोर्ट के मुताबिक पीतमपुरा को छोड़कर हर जगह सल्फर डाई ऑक्साइड की मात्रा पिछले साल के मुकाबले बढ़ी है। पिछले साल इसका कंसंट्रेशन लेवल 7 से 24 के बीच था, जबकि इस बार यह 8 से 42 के बीच दर्ज हुआ है। एयर पलूशन के बाकी कंटेंट - नाइट्रोजन ऑक्साइड, सस्पेंडेड पर्टिकुलेट मैटर और रेस्पिरेबल सस्पेंडेड पर्टिकुलेट मैटर की मात्रा में कमी आई है। सीपीसीबी ने दीपावली की रात दिल्ली के सात इलाकों- आईटीओ, पीतमपुरा, सीरीफोर्ट, जनकपुरी, निजामुद्दीन, शहजादाबाग और शाहदरा स्टेशनों में एयर पलूशन की मात्रा को हर घंटे रेकॉर्ड किया। दिल्ली के नौ में से तीन लोकेशन में नॉयज पलूशन बढ़ा है, एक लोकेशन पर इसमें कमी आई है और बाकी जगह पिछले साल जितना ही रहा है। हालांकि, अधिकतम ध्वनि सीमा इस बार 82 डेसिबल ही रही है, जबकि पिछले साल इसका स्तर 85 डेसिबल दर्ज हुआ था। नॉयज पलूशन को आंकने के लिए नौ जगहों- लाजपत नगर, ईस्ट अर्जुन नगर, मयूर विहार फेज-दो, पीतमपुरा, कमला नगर, दिलशाद गार्डन, अंसारी नगर, कनॉट प्लेस और आईटीओ में स्टेशन बनाए गए थे।

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