Friday, October 30, 2009


इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्त पेंशन योजना
डिण्डौरी। गरीबी रेखा से नीचे के परिवार के १८ से ६४ वर्ष तक की आयु के नि:शक्त(विकलांग) व्यक्ति को शासन द्वारा हर माह ५०० रू. की पेंशन प्रदाय की जायेगी। इस योजना के अंतर्गत पात्रता रखने वाले हितग्राही पेंशन पाने के लिए अपने क्षेत्र की जनपद पंचायत या नगरीय निकाय संस्था से सम्पर्क कर आवेदन पत्र का प्रारूप प्राप्त कर सकते है। केन्द्र शासन द्वारा नि:शक्त व्यक्तियों के सामाजिक उत्थान के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्त पेंशन योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे के नि:शक्त (विकलांग) व्यक्ति को हर माह ५०० रू. की पेंशन प्रदाय की जायेगी।
यह पेंशन ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र दोनों के नि:शक्त व्यक्ति को प्रदान की जायेगी। इस पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु १८ से ६४ वर्ष के बीच होना चाहिए। आवेदक को कम से कम ४० प्रतिशत विकलांग होना चाहिए। आवेदक का नाम गरीबी रेखा की सर्वे सूची में शामील होना अनिवार्य है। पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को आवेदन पत्र के साथ ४० प्रतिशत विकलांगता का प्रमाण पत्र पेश करना होगा। इस योजना के अंतर्गत पेंशन पाने की पात्रता रखने वाले ग्रामीण क्षेत्र के हितग्राही अपने क्षेत्र की जनपद पंचायत से सम्पर्क कर सकते है। इसी प्रकार नगरीय क्षेत्र के हितग्राही अपने क्षेत्र की नगरीय निकाय संस्था से सम्पर्क कर अपना आवेदन पेश कर सकते है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्त पेंशन योजना
डिण्डौरी। गरीबी रेखा से नीचे के परिवार के १८ से ६४ वर्ष तक की आयु के नि:शक्त(विकलांग) व्यक्ति को शासन द्वारा हर माह ५०० रू. की पेंशन प्रदाय की जायेगी। इस योजना के अंतर्गत पात्रता रखने वाले हितग्राही पेंशन पाने के लिए अपने क्षेत्र की जनपद पंचायत या नगरीय निकाय संस्था से सम्पर्क कर आवेदन पत्र का प्रारूप प्राप्त कर सकते है। केन्द्र शासन द्वारा नि:शक्त व्यक्तियों के सामाजिक उत्थान के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्त पेंशन योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे के नि:शक्त (विकलांग) व्यक्ति को हर माह ५०० रू. की पेंशन प्रदाय की जायेगी।
यह पेंशन ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र दोनों के नि:शक्त व्यक्ति को प्रदान की जायेगी। इस पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु १८ से ६४ वर्ष के बीच होना चाहिए। आवेदक को कम से कम ४० प्रतिशत विकलांग होना चाहिए। आवेदक का नाम गरीबी रेखा की सर्वे सूची में शामील होना अनिवार्य है। पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को आवेदन पत्र के साथ ४० प्रतिशत विकलांगता का प्रमाण पत्र पेश करना होगा। इस योजना के अंतर्गत पेंशन पाने की पात्रता रखने वाले ग्रामीण क्षेत्र के हितग्राही अपने क्षेत्र की जनपद पंचायत से सम्पर्क कर सकते है। इसी प्रकार नगरीय क्षेत्र के हितग्राही अपने क्षेत्र की नगरीय निकाय संस्था से सम्पर्क कर अपना आवेदन पेश कर सकते है।

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