Friday, October 30, 2009


भारत को न अमेरिका बनना है, न चीन: भागवत
नई दिल्ली । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन राव भागवत ने कहा है कि भारत को अपने ढंग से आगे बढऩा है। उसे अमेरिका या चीन बनने के बजाए एक संपन्न भारत ही बनना है। श्री भागवत ने संसद के सभागार में तरुण विजय की पुस्तक 'इंडिया बेटल्स टू विन' के विमोचन समारोह में कहा कि आज वास्तव में देश को आगे बढऩा है। लेकिन भारत का अमेरिका या चीन बनने के बजाए एक संपन्न भारत ही बनना है। भारत की विजय भारत बनने में ही है। ऐसा भारत बनने में जो दुनिया के हित के लिए समर्पण कर सके। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक वास्तव में बहुत उपयोगी सिद्ध होगी। प्रख्यात लेखक और पत्रकार तरुण विजय की पुस्तक 'इंडिया बेटल्स टू विन' का कल संसद के सभागार में विमोचन हुआ। पुस्तक का विमोचन मोहन राव भागवत द्वारा किया गया। श्री भागवत ने कहा कि तरुण विजय की खासियत यह है कि वे जो लिखते हैं, दिल से लिखते हैं और इसी कारण उनकी लेखनी सीधे पाठक के दिल को छू लेती है।उन्होंने कहा कि मैं खुद तरुण विजय के लेखों को पसंद करता हूं, मैं उनका रसिक पाठक हूं, लेकिन ऐसा इसलिए नहीं कि उनमें हमारी विचारधारा झलकती है, बल्कि इस कारण क्योंकि तरूण विजय की लेखनी में ईमानदारी होती है। इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के संपादक शेखर गुप्ता ने तरुण विजय की पुस्तक 'इंडिया बेटल्स टू विन' और उनकी लेखनी के बारे में कहा कि तरुण विजय की खासियत है कि हम उनके कंटेंट से एक बार असहमत तो हो सकते हैं पर उनकी राष्ट्रवादी सोच सभी को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि संवाद हमेशा जिंदा रहना चाहिए। तरुण विजय के लेख की भाषा और प्रस्तुतीकरण इतना उत्ताम होता है कि देश उनके विषयों को पूर्ण रूप से समझ पाता है। इस अवसर पर दैनिक जागरण समूह के सीईओ संजय गुप्ता ने कहा कि मैं पुस्तक के विषय पर कहना चाहूंगा कि सही में आज देश को संघर्ष कर आगे बढऩा है। मैं तरुण विजय से आग्रह करूंगा कि वह निरंतर लिखते रहें। अभी वह देश की सच्ची समस्याएं उठा रहे हैं पर मैं चाहूंगा कि वह इनसे निपटने के समाधानों पर भी विस्तृत रूप से लिखें।
भारत को न अमेरिका बनना है, न चीन: भागवत
नई दिल्ली । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन राव भागवत ने कहा है कि भारत को अपने ढंग से आगे बढऩा है। उसे अमेरिका या चीन बनने के बजाए एक संपन्न भारत ही बनना है। श्री भागवत ने संसद के सभागार में तरुण विजय की पुस्तक 'इंडिया बेटल्स टू विन' के विमोचन समारोह में कहा कि आज वास्तव में देश को आगे बढऩा है। लेकिन भारत का अमेरिका या चीन बनने के बजाए एक संपन्न भारत ही बनना है। भारत की विजय भारत बनने में ही है। ऐसा भारत बनने में जो दुनिया के हित के लिए समर्पण कर सके। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक वास्तव में बहुत उपयोगी सिद्ध होगी। प्रख्यात लेखक और पत्रकार तरुण विजय की पुस्तक 'इंडिया बेटल्स टू विन' का कल संसद के सभागार में विमोचन हुआ। पुस्तक का विमोचन मोहन राव भागवत द्वारा किया गया। श्री भागवत ने कहा कि तरुण विजय की खासियत यह है कि वे जो लिखते हैं, दिल से लिखते हैं और इसी कारण उनकी लेखनी सीधे पाठक के दिल को छू लेती है।उन्होंने कहा कि मैं खुद तरुण विजय के लेखों को पसंद करता हूं, मैं उनका रसिक पाठक हूं, लेकिन ऐसा इसलिए नहीं कि उनमें हमारी विचारधारा झलकती है, बल्कि इस कारण क्योंकि तरूण विजय की लेखनी में ईमानदारी होती है। इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के संपादक शेखर गुप्ता ने तरुण विजय की पुस्तक 'इंडिया बेटल्स टू विन' और उनकी लेखनी के बारे में कहा कि तरुण विजय की खासियत है कि हम उनके कंटेंट से एक बार असहमत तो हो सकते हैं पर उनकी राष्ट्रवादी सोच सभी को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि संवाद हमेशा जिंदा रहना चाहिए। तरुण विजय के लेख की भाषा और प्रस्तुतीकरण इतना उत्ताम होता है कि देश उनके विषयों को पूर्ण रूप से समझ पाता है। इस अवसर पर दैनिक जागरण समूह के सीईओ संजय गुप्ता ने कहा कि मैं पुस्तक के विषय पर कहना चाहूंगा कि सही में आज देश को संघर्ष कर आगे बढऩा है। मैं तरुण विजय से आग्रह करूंगा कि वह निरंतर लिखते रहें। अभी वह देश की सच्ची समस्याएं उठा रहे हैं पर मैं चाहूंगा कि वह इनसे निपटने के समाधानों पर भी विस्तृत रूप से लिखें।

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