Tuesday, September 15, 2009

तालिबान के आतंक से पाक हिन्दुओं का पलायन



एक हजार से ज्यादा परिवार भारत आए...जोधपुर।

पाकिस्तान में पनप रहे तालिबानी दबदबे से परेशान वहां के हिंदू अब भारत का रुख कर रहे हैं। वीजा एक्सपायरी डेट नजदीक होने के बावजूद वो वापस जाने को तैयार नहीं हैं। उनकी मांग है कि भारत सरकार इन्हें भारतीय नागरिकता दे, और तालिबानी कहर से बचाए।पाकिस्तान से हिंदुस्तान पहुंचे राणाराम के आने का मकसद अपने किसी रिश्तेदार से मिलना नहीं बल्कि वो यहीं बस जाना चाहते हैं। अपनी दो बेटियों के साथ राणाराम भारत में रुकने का पूरा सामान लेकर आए हैं।हालांकि अगले कुछ महीने में उनका वीजा खत्म होने वाला है लेकिन वो किसी भी कीमत पर वापस पाकिस्तान नहीं लौटना चाहते।इस बारें में पीड़ित राणाराम का कहना है कि पाकिस्तान में तालिबानी दूसरे धर्मों के लोगों पर बेहद अत्याचार कर रहे हैं। मेरी बीवी का जबर्दस्ती धर्म बदलवा दिया, बेटी को भी किडनैप कर लिया। मुझ पर भी दबाव डाला और प्रताड़ित किया।ये दर्द सिर्फ राणाराम का ही नहीं है। ऐसे लोगों की तादाद बहुत ज्यादा है जिन्हें अब भारत में ही आसरा नजर आ रहा है।सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ इस साल में ही एक हजार से ज्यादा लोग पाकिस्तान से भारत आ चुके हैं। भारत ने अब तक 2005 में 135 परिवारों को भारत की नागरिकता दी थी, अब लौट रहे परिवारों के आवेदन भी नागरिकता के लिए पहुंच रहे हैं, जोधपुर जिला प्रशासन ने अस्थायी रूप से कुछ परिवारों को रहने की इजाजत भी दी है।

एक हजार से ज्यादा परिवार भारत आए...जोधपुर।

पाकिस्तान में पनप रहे तालिबानी दबदबे से परेशान वहां के हिंदू अब भारत का रुख कर रहे हैं। वीजा एक्सपायरी डेट नजदीक होने के बावजूद वो वापस जाने को तैयार नहीं हैं। उनकी मांग है कि भारत सरकार इन्हें भारतीय नागरिकता दे, और तालिबानी कहर से बचाए।पाकिस्तान से हिंदुस्तान पहुंचे राणाराम के आने का मकसद अपने किसी रिश्तेदार से मिलना नहीं बल्कि वो यहीं बस जाना चाहते हैं। अपनी दो बेटियों के साथ राणाराम भारत में रुकने का पूरा सामान लेकर आए हैं।हालांकि अगले कुछ महीने में उनका वीजा खत्म होने वाला है लेकिन वो किसी भी कीमत पर वापस पाकिस्तान नहीं लौटना चाहते।इस बारें में पीड़ित राणाराम का कहना है कि पाकिस्तान में तालिबानी दूसरे धर्मों के लोगों पर बेहद अत्याचार कर रहे हैं। मेरी बीवी का जबर्दस्ती धर्म बदलवा दिया, बेटी को भी किडनैप कर लिया। मुझ पर भी दबाव डाला और प्रताड़ित किया।ये दर्द सिर्फ राणाराम का ही नहीं है। ऐसे लोगों की तादाद बहुत ज्यादा है जिन्हें अब भारत में ही आसरा नजर आ रहा है।सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ इस साल में ही एक हजार से ज्यादा लोग पाकिस्तान से भारत आ चुके हैं। भारत ने अब तक 2005 में 135 परिवारों को भारत की नागरिकता दी थी, अब लौट रहे परिवारों के आवेदन भी नागरिकता के लिए पहुंच रहे हैं, जोधपुर जिला प्रशासन ने अस्थायी रूप से कुछ परिवारों को रहने की इजाजत भी दी है।

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