Wednesday, September 16, 2009



कोक, पेप्सी को मंगानी होगी विदेश से चीनी

नई दिल्ली।(अरुण सिंगला) घरेलू बाजार में चीनी की ऊंची कीमतों से चिंतित सरकार ने शीतल पेय पदार्थ तैयार करने वाली अग्रणी कंपनियों कोका-कोला, पेप्सी और नेस्ले से चीनी विदेश से मंगाने को कहा है।देश का करीब आधा हिस्सा सूखे की चपेट में होने के कारण आगामी सत्र में गन्ने का उत्पादन कम होने की आशंका है। ऐसे में सरकार ने चीनी के दाम और बढ़ने से रोकने के लिए एहतियाती तौर पर यह कदम उठाया है।केंद्रीय कृषि एवं उपभोक्ता मामनों के राज्य मंत्री केवी थामस ने कहा कि हमने कोका-कोला जैसी कंपनियों से चीनी के लिए कोई और व्यवस्था करने को कहा है।थामस ने बताया कि ये कंपनियां चीनी की बड़ी मात्रा का उपयोग करती हैं। इसलिए हमने उन्हें अन्य देशों से चीनी खरीदने का सुझाव दिया है।केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि इन कंपनियों को कुछ दिन पहले यह सुझाव दिया गया और उन्हें 15 दिन के अंदर जवाब देने को कहा गया।यह पूछे जाने पर कि क्या कंपनियां सरकार के सुझाव पर अमल करेंगी थामस ने कहा कि उन्हें ऐसा करना होगा। कोका-कोला और पेप्सी के अलावा चीनी का बड़े पैमाने पर उपयोग करने वाली कंपनियां ब्रिटानियां, डाबर, अमूल, नेस्ले और कैडबरी हैं।भारत ब्राजील के बाद विश्व में चीनी का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। चीनी की खपत के मामले में भी भारत का दुनिया में पहला स्थान है। भारत में एक अनुमान के मुताबिक प्रतिवर्ष दो करोड़ 30 लाख टन चीनी की खपत होती है।
गन्ने के उत्पादन में गिरावट के कारण चीनी के दाम बढ़ कर 35 रुपये प्रति किलो हो गए हैं जबकि पिछले साल घरेलू बाजार में चीनी 17-18 रुपये प्रति किलो बिक रही थी। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमतें 28 साल के उच्चतम स्तर पर हैं।

कोक, पेप्सी को मंगानी होगी विदेश से चीनी

नई दिल्ली।(अरुण सिंगला) घरेलू बाजार में चीनी की ऊंची कीमतों से चिंतित सरकार ने शीतल पेय पदार्थ तैयार करने वाली अग्रणी कंपनियों कोका-कोला, पेप्सी और नेस्ले से चीनी विदेश से मंगाने को कहा है।देश का करीब आधा हिस्सा सूखे की चपेट में होने के कारण आगामी सत्र में गन्ने का उत्पादन कम होने की आशंका है। ऐसे में सरकार ने चीनी के दाम और बढ़ने से रोकने के लिए एहतियाती तौर पर यह कदम उठाया है।केंद्रीय कृषि एवं उपभोक्ता मामनों के राज्य मंत्री केवी थामस ने कहा कि हमने कोका-कोला जैसी कंपनियों से चीनी के लिए कोई और व्यवस्था करने को कहा है।थामस ने बताया कि ये कंपनियां चीनी की बड़ी मात्रा का उपयोग करती हैं। इसलिए हमने उन्हें अन्य देशों से चीनी खरीदने का सुझाव दिया है।केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि इन कंपनियों को कुछ दिन पहले यह सुझाव दिया गया और उन्हें 15 दिन के अंदर जवाब देने को कहा गया।यह पूछे जाने पर कि क्या कंपनियां सरकार के सुझाव पर अमल करेंगी थामस ने कहा कि उन्हें ऐसा करना होगा। कोका-कोला और पेप्सी के अलावा चीनी का बड़े पैमाने पर उपयोग करने वाली कंपनियां ब्रिटानियां, डाबर, अमूल, नेस्ले और कैडबरी हैं।भारत ब्राजील के बाद विश्व में चीनी का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। चीनी की खपत के मामले में भी भारत का दुनिया में पहला स्थान है। भारत में एक अनुमान के मुताबिक प्रतिवर्ष दो करोड़ 30 लाख टन चीनी की खपत होती है।
गन्ने के उत्पादन में गिरावट के कारण चीनी के दाम बढ़ कर 35 रुपये प्रति किलो हो गए हैं जबकि पिछले साल घरेलू बाजार में चीनी 17-18 रुपये प्रति किलो बिक रही थी। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमतें 28 साल के उच्चतम स्तर पर हैं।

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